न्याय पंचायत, पंचायत क्षेत्र समिति उसके कार्य व आय के स्त्रोत (Nyay Panchayat, Panchayat Area Committee, Its Work And Source of Income)

न्याय पंचायत (Nyay panchayat)



  • ग्राम वासियों को सस्ता और शीघ्र न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से 73वें संविधान संशोधन द्वारा एक न्याय पंचायत की व्यवस्था की गई प्राय तीन चार पंचायतों के लिए एक न्याय पंचायत होगी जिसके कुछ सदस्य मनोनीत तथा कुछ निर्वाचन पंचायतों के द्वारा होगा इसकी अधिकारिता छोटे दीवानी व फौजदारी मामलों तक सीमित होगी तथा दंड स्वरूप यह केवल ₹50 से लेकर ₹8000 तक जुर्माना लगा सकती है |





पंचायत क्षेत्र समिति (Panchayat Area Committee)



  • पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम और जिला स्तर के मध्य पंचायत समितियों का गठन किया गया जो ग्राम व जिला पंचायत के बीच के संबंध में बना सकें

  • ग्राम पंचायतों के सरपंच इन समितियों के सदस्य होते हैं तथा इसके अध्यक्ष का चुनाव इन सदस्यों द्वारा प्रत्यक्ष रुप से किया जाता है |

  • इन समितियों का कार्यकाल भी 5 वर्ष होता है तथा समय पूर्व भंग होने की स्थिति में चुनाव 6 माह के अंदर कराना अनिवार्य है |





पंचायत क्षेत्र या समिति के कार्य (Panchayat area or committee work)





    1. ग्रामीण विकास के कार्यक्रमों का क्रियान्वयन तथा मूल्यांकन करना |

    2. बीज केंद्रों का संचालन |





  1. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन |

  2. वितरण तथा गोदामों का निरीक्षण |

  3. कृषि के लिए ऋण की व्यवस्था |

  4. कुटीर तथा लघु गृह उद्योगों का विकास |

  5. शौचालयों का निर्माण |

  6. गोबर गैस तथा धुआं रहित चूल्हों का वितरण |

  7. कीटनाशक दवाओं का वितरण |





पंचायत क्षेत्र समिति के आय के स्त्रोत (Source of income of panchayat area committee)



  1. राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान |

  2. स्थानीय कर |

  3. मंडियों से प्राप्त फीस |

  4. दान व चंदे |

  5. जिला पंचायत द्वारा दिया गया तदर्थ अनुदान |

  6. क्षेत्र पंचायत द्वारा लगाए गए कर |

  7. घाटो तथा मेलों से प्राप्त आय |

  8. सरकार द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए दी गई धनराशि |

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