सौर कलंक किसे कहते हैं ? What is Sunspot in Hindi
सौर कलंक किसे कहते हैं ? What is Sunspot in Hindi, चलिये जानें सौर कलंक यानि Sunspots के बारे में, हिन्दी में
इससे पहले चलिये जानें थोड़ा सा सूर्य के बारे में, सूर्य की बाहरी संरचना में तीन स्तर पाये जाते हैं |
चलिये अब समझते हैं सौर कलंक को –
प्रकाश मण्डल के ऊपर का जिस हिस्से का औसत तापमान 1500॰C से कम कम पाया जाता है वो सौर कलंक यानि Sunspots कहलाता है, इस धब्बे का जीवनकाल कुछ घंटे से लेकर कुछ सप्ताह तक होता है। कई दिनों तक सौर कलंक बने रहने के पश्चात रेडियो संचार में बाधा आती है।

सौर कलंक के अंदर के अधिक काले भाग को अम्ब्रा (Umbra) तथा बाहरी भाग को जो कि अपेक्षाकृत कम काला होता है उसे पेन अम्ब्रा (Pen Umbra) कहा जाता है |
इससे पहले चलिये जानें थोड़ा सा सूर्य के बारे में, सूर्य की बाहरी संरचना में तीन स्तर पाये जाते हैं |
1. प्रकाश मण्डल (Photosphere)
2. वर्णमण्डल (Chromosphere)
3. किरीट (Corona)
- प्रकाश मण्डल सूर्य का धरातल है जिसका औसत तापमान 6000॰C रहता है |
- सूर्य के वायुमंडल को ही वर्णमण्डल कहा जाता है, इसका रंग लाल पाया जाता है |
- सूर्य का सबसे बाहरी भाग सूर्य मुकुट या किरीट कहलाता है|
चलिये अब समझते हैं सौर कलंक को –
प्रकाश मण्डल के ऊपर का जिस हिस्से का औसत तापमान 1500॰C से कम कम पाया जाता है वो सौर कलंक यानि Sunspots कहलाता है, इस धब्बे का जीवनकाल कुछ घंटे से लेकर कुछ सप्ताह तक होता है। कई दिनों तक सौर कलंक बने रहने के पश्चात रेडियो संचार में बाधा आती है।

सौर कलंक के अंदर के अधिक काले भाग को अम्ब्रा (Umbra) तथा बाहरी भाग को जो कि अपेक्षाकृत कम काला होता है उसे पेन अम्ब्रा (Pen Umbra) कहा जाता है |
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