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Showing posts from June, 2019

One Day Hands on Training on Basic of Microscopy Techniques 2019, Sathyabama Institute of Science and Technology, Chennai, Tamil Nadu, 27th July 2019

Event Name:- One Day Hands on Training on Basic of Microscopy Techniques 2019 Category Hands on Training Organiser Sathyabama Institute of Science and Technology Location   Chennai ,  Tamil Nadu Event Dates  27th July 2019 Event Details: The aim of this course is to provide training for the students/scholars in modern optical and Fluorescence microscopy through lectures and hands-on training from basic microscopy to high resolution imaging. In this context, Sathyabama Institute of Science and Technology is organizing One day Hands-on Training on Basic of Microscopy Techniques’ on 27th July, 2019. We welcome the participants.   Event Theme: Optical and Fluorescence microscopy Contect:- Event Co-ordinators: Dr. Vinita Vishwakarma Scientist –F Cell:9444719383, A. Karthik, SRF Cell: 9629334459 Centre for Nanoscience and Nanotechnology centrefornanoscience@gmail.com   Fest Mail ID: centrefornanoscience@gmail.com

Iconic Quiz 2019, PSG College of Technology, Inter-Collegiate Quiz, Coimbatore, Tamil Nadu, 12th July 2019

Event Name:- Iconic Quiz 2019 Category Inter-Collegiate Quiz Organiser PSG College of Technology Location   Coimbatore ,  Tamil Nadu Event Dates  12th July 2019 Event Details: Does the sound of the buzzer brings in an adrenaline rush to you? Does your grey matter? If yes, Recognize your exceptional quizzing talent with the with PSG's Mega iConic Quiz 2019.   Event Theme: Quiz Contect:- Event Co-ordinators: Aravind : 8050297127 Venkat : 8973279799   Fest Mail ID: quiz@psgiconnect.com How to reach PSG College of Technology, Coimbatore: PSG COLLEGE OF TECHNOLOGY

9th International Conference on Recent Developments in Engineering and Technology ICRDET 2019, IARDET, Chennai, Tamil Nadu, 17-18th August 2019

Event Name:- 9th International Conference on Recent Developments in Engineering and Technology ICRDET 2019 Category International Conference Organiser IARDET Location   Chennai ,  Tamil Nadu Event Dates  17-18th August 2019 Event Details: "9th International Conference on Recent Developments in Engineering & Technology-ICRDET-2019" The International Conference ICRDET-2019 will be held at CHENNAI, INDIA on AUGUST 17th & 18th, 2019.The object of ICRDET-2019 is to present the latest recent innovations and results of scientists related Advances in Engineering & Technology. This conference provides opportunities for the different areas delegates to exchange new ideas and application experiences face to face,to establish business or research relations and to find global partners for future collaboration. We hope that the conference results constituted significant contribution to the knowledge in these up date scientific field. The organizing committee of Conference is pl...

राज्यपाल की न्यायिक शक्तियां और वित्तीय शक्तियां (Governor’s judicial powers and financial powers)

वित्तीय शक्तियां (Financial powers) राज्यपाल की वित्तीय शक्तियां एवं कार्य निम्नलिखित हैं – राज्यपाल की सिफारिश के बिना कोई भी धन विधेयक विधानसभा में पेश नहीं किया जा सकता अर्थात विधानसभा से धन की मांग राज्यपाल की सिफारिश पर ही हो सकती है| वार्षिक बजट राज्यपाल वित्त मंत्री द्वारा विधानसभा में पेश करवाता है कोई भी बजत अनुदान मांग बिना राज्यपाल की अनुमति के प्रस्तुत नहीं हो सकता| राज्य की आकस्मिक निधि पर राज्यपाल का ही नियंत्रण है यदि संकट के समय आवश्यकता पड़े तो राज्यपाल इसमें आवश्यकतानुसार व्यय कर लेता है तथा उसके पश्चात राज्य विधानमंडल से उसकी स्वीकृति ले लेता है| पंचायतों और नगर पालिकाओं की वित्तीय स्थिति की हर 5 वर्ष बाद समीक्षा के लिए वह वित्त आयोग का गठन करता है| राज्यपाल की न्यायिक शक्तियां (Judicial powers of the governor) राज्यपाल को निम्नलिखित न्यायिक शक्तियां प्राप्त हैं – जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति और पदोन्नति राज्यपाल करता है| राज्यपाल यदि समझे की किसी न्यायालय के पास काम अधिक है तो वह आवश्यकतानुसार अधिक न्यायाधीशों की नियुक्ति करता है| राज्यपाल उस...

विभिन्न दल व समितियां (Various parties and committees)

विभिन्न दल व समितियां (Various parties and committees) समिति का नाम वर्ष संबंध वी आर राव 1960 कमेटी ऑन रेशनलाइजेशन ऑफ पंचायत स्टेटिस्टिक्स एस डी मिश्रा 1961 वर्किंग ग्रुप ऑन पंचायत एंड कोऑपरेटिव्स वी ईश्वरन 1961 स्टडी टीम ऑन पंचायती राज एडमिनिस्ट्रेशन जी आर राजगोपाल 1962 स्टडी टीम ऑन न्याय पंचायत्स आर आर दिवाकर 1963 स्टडी टीम ऑन पोजीशन ऑफ ग्रामसभा इन पंचायती राज मूवमेंट एम राम कृष्णया 1963 स्टडी टीम ऑन बजटिंग एंड एकाउंटिंग प्रोसीजर ऑफ पंचायती राज इंस्टिट्यूशन के संथानम 1963 स्टडी टीम ऑन पंचायती राज फाइनेंसेज आर के खन्ना 1965 स्टडी टीम ऑन पंचायती ऑडिट एंड एकाउंट्स ऑफ पंचायती राज बॉडीज जी रामचंद्रन 1966 कमेटी ऑन पंचायती राज ट्रेनिंग सेंटर वी रामनाथन 1969 स्टडी टीम ऑन इंवॉल्वमेंट ऑफ डेवलपमेंट एजेंसी एंड पंचायती राज इंस्टिट्यूशन इन दि इंप्लीमेंटेशन ऑफ बेसिक लैंड रिफॉर्म मेजर्स एन रामा  कृष्णय्या 1972 वर्किंग ग्रुप फॉर फार्मूलेशन ऑफ फिफ्थ फाइव ईयर प्लान ऑन कम्युनिटी डेवलपमेंट एंड पंचायती राज श्रीमती दया चौबे 1976 कमेटी ऑन कम्युनिटी डेवलपमेंट एंड पंचायती राज

जिला पंचायत परिषद, जिला पंचायत के कार्य व आय के स्रोत (Zilla Panchayat Council, Zilla Panchayat’s work and source of income)

जिला पंचायत परिषद (District Panchayat Council) जिला पंचायत/जिला परिषद पंचायती राज व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है जो अपने अधीन कार्य करने वाले पंचायती संस्थाओं तथा राज्य सरकार के मध्य की एक कड़ी है | खंड स्तर की पंचायतों के प्रमुख जिला पंचायत के सदस्य होते हैं तथा अध्यक्ष का चुनाव में सदस्य द्वारा अप्रत्यक्ष पद्धति से किया जाता है तथा सांसद विधायक लोक सभा विधान मंडल परिषद के सदस्य होते हैं | जिला परिषद का कार्यकाल 5 वर्ष होता है तथा इसे समय से पहले भंग करने पर चुनाव 6 माह के अंदर कराना आवश्यक है | जिला परिषद – उड़ीसा, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश | महा कोमा परिषद – असोम | जिला पंचायत – मध्य प्रदेश, गुजरात | जिला विकास परिषद – कर्नाटक, तमिलनाडु | जिला पंचायत के कार्य (Work of district panchayat) जिले के सभी ग्राम पंचायत तथा पंचायत समितियों के बीच समन्वय बनाए रखना | राज्य सरकार द्वारा दिए गए अनुदान को पंचायत समितियों में वितरित करना | पंचायत समितियों के बजट का पर्यवेक्षण करना | कृषि विकास के लिए कार्य करना | आर्थिक व सामाजिक...

पंचायतों की आय के स्त्रोत (Sources of Income of Panchayats)

पंचायतों की आय के स्त्रोत (Sources of income of panchayats) मनोरंजन कर | चूल्हा कर | दुग्ध उत्पादन कर | पशुओं की पंजीकरण फीस | व्यापार तथा रोजगार कर | संपत्ति के क्रय विक्रय पर कर | कूड़ा करकट तथा मृत पशुओं की बिक्री से आय | सड़क को नालियों की सफाई तथा प्रकाश पर कर | मछली तालाब से प्राप्त आय | गांव के मेले बाजार आदि पर कर | पशु वाहन आदि पर कर | राज्य सरकार द्वारा अनुदान | भू-राजस्व की धनराशि के अनुसार 25% से 50% तक आय कर |

न्याय पंचायत, पंचायत क्षेत्र समिति उसके कार्य व आय के स्त्रोत (Nyay Panchayat, Panchayat Area Committee, Its Work And Source of Income)

न्याय पंचायत (Nyay panchayat) ग्राम वासियों को सस्ता और शीघ्र न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से 73वें संविधान संशोधन द्वारा एक न्याय पंचायत की व्यवस्था की गई प्राय तीन चार पंचायतों के लिए एक न्याय पंचायत होगी जिसके कुछ सदस्य मनोनीत तथा कुछ निर्वाचन पंचायतों के द्वारा होगा इसकी अधिकारिता छोटे दीवानी व फौजदारी मामलों तक सीमित होगी तथा दंड स्वरूप यह केवल ₹50 से लेकर ₹8000 तक जुर्माना लगा सकती है | पंचायत क्षेत्र समिति (Panchayat Area Committee) पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम और जिला स्तर के मध्य पंचायत समितियों का गठन किया गया जो ग्राम व जिला पंचायत के बीच के संबंध में बना सकें ग्राम पंचायतों के सरपंच इन समितियों के सदस्य होते हैं तथा इसके अध्यक्ष का चुनाव इन सदस्यों द्वारा प्रत्यक्ष रुप से किया जाता है | इन समितियों का कार्यकाल भी 5 वर्ष होता है तथा समय पूर्व भंग होने की स्थिति में चुनाव 6 माह के अंदर कराना अनिवार्य है | पंचायत क्षेत्र या समिति के कार्य (Panchayat area or committee work) ग्रामीण विकास के कार्यक्रमों का क्रियान्वयन तथा मूल्यांकन करना | बीज केंद्रों का ...

ई-पंचायत, ई-पंचायत द्वारा प्रदान की गई सुविधाएं व उद्देश्य ( Facilities and Objectives Provided by e-Panchayat, e-Panchayat)

ई-पंचायत (E-Panchayat) सरकार ने सभी पंचायतों को समक्ष बनाने के लिए पंचायत मिशन मोड परियोजना का शुभारंभ किया जिससे पंचायतों में पारदर्शिता, सूचनाओं का आदान-प्रदान, सेवाओं का कुशल वितरण तथा पंचायतों के प्रबंधन में गुणवत्ता तथा पारदर्शिता को सुनिश्चित किया जा सके | यह पंचायत एवं एम एमपी के अधीन 11 कोर आम सॉफ्टवेयर की योजना है जिस के अनुप्रयोगों में PRIA शॉर्ट, प्लान प्लस, राष्ट्रीय पंचायत पोर्टल तथा स्थानीय शासन विवरणिका है | अप्रैल 2012 में राष्ट्रीय पंचायत दिवस को प्रारंभ किया गया है यह योजना सभी राज्यों का संघ शासित प्रदेशों के 45 जिले तथा 128 पंचायतों में कार्यान्वित हो रही है | ई-पंचायत प्रोग्राम एंड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंटेंट मैनेजमेंट कैपेसिटी बिल्डिंग कनेक्टिविटी कंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस रीइंजीनियरिंग इंफॉर्मेशन एंड सर्विस नीड एसेसमेंट ई-पंचायत के उद्देश्य (Objectives of e-Panchayat) पंचायतों में पारदर्शिता लाना | पंचायतों की निर्णय प्रक्रिया में सुधार करना | आईटी का प्रयोग करने के लिए समक्ष बनाना | इन योजनाओं के नेतृत्व केंद्र तथा ...

पंचायतों का गठन, संरचना व स्थानों का आरक्षण (Reservation Of Structures And Structures Of Panchayats)

पंचायतों का गठन (Constitution of panchayats) अनुच्छेद 243 (B)पंचायतों के गठन के ग्राम स्तर, मध्यवर्ती तथा जिला स्तर के प्रावधान करता है तथा जिन राज्यों की जनसंख्या 20 लाख से कम है वहां मध्य स्तर की पंचायत का गठन नहीं किया जाएगा | सबसे निचले स्तर पर ग्राम सभा और ग्राम पंचायत मध्यवर्ती पंचायत जिला पंचायत जिला स्तर पर पंचायतों की संरचना (Structure of panchayats) अनुच्छेद 243 (C) के अनुसार ग्राम पंचायत के अध्यक्ष का चुनाव ग्राम सभा में पंजीकृत मतदाता द्वारा प्रत्यक्ष रुप से होता है तथा मध्यवर्ती पंचायत जिला पंचायत के अध्यक्षों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से पंचायत द्वारा चुने गए सदस्यों से होता है | ग्राम पंचायत के अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया राज्य द्वारा निर्धारित रीति के अनुसार की जाएगी, ग्राम पंचायत के अध्यक्ष मध्यवर्ती पंचायत का सदस्य होता है | जहां मध्यवर्ती पंचायत नहीं है वहां जिला पंचायत का सदस्य होगा तथा मध्यवर्ती पंचायत का अध्यक्ष जिला पंचायत का सदस्य होगा तथा उस क्षेत्र के सांसद व विधायक अपने क्षेत्र में मध्यवर्ती स्तर के सदस्य होते हैं तथा राज्यसभा और विधान...

पंचायत के अनिवार्य कार्य, स्वैच्छिक कार्य, विकासात्मक कार्य व ग्राम पंचायत निधि कोष (Mandatory Work Of Panchayat, Voluntary Work, Development Work and Gram Panchayat Fund)

पंचायत के अनिवार्य कार्य (Mandatory work of panchayat) पेयजल की व्यवस्था करना | प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा का प्रबंधन करना | चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की रक्षा की व्यवस्था | सड़के व नालियों को बनवाना | हाथ में बाजारों का प्रबंधन करना | सार्वजनिक स्थानों की व्यवस्था करना | महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े कार्यों का प्रबंधन | लोक व्यवस्था में सरकार को सहायता प्रदान करना | कृषि एवं भूमिका विकास | ग्रामीण विकास के कार्यों को सहयोग प्रदान करना | पंचायत के स्वैच्छिक कार्य (Voluntary work of Panchayat) पुस्तकालय एवं वाचनालय की स्थापना करना | सड़कों के किनारे पर पौधारोपण करना | मनोरंजन के साधनों का प्रबंधन करना | प्राकृतिक आपदाओं के समय मदद पहुंचाना | रोजगारोन्मुख कार्यों का प्रबंधन करना | विकासात्मक कार्य (Developmental work) पंचायतों के आर्थिक विकास से जुड़े कार्य को ग्यारहवीं अनुसूची में वर्णित किया गया है | भूमि सुधार कानून का कार्यान्वयन करना | सिंचाई का प्रबंध करना | सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सहायता करना | लघु एवं कुटीर उद्योग का...

भारतीय संविधान के सभी अनुच्छेद | All Articles of Indian Constitution Hindi

भारतीय संविधान के सभी अनुच्छेद तथा अनुसूचियाँ | All Articles of Indian Constitution Hindi अनुच्‍छेद विवरण 1 संघ का नाम और राज्‍य क्षेत्र 2 नए राज्‍यों का प्रवेश या स्‍थापना 2क [निरसन] 3 नए राज्‍यों का निर्माण और वर्तमान राज्‍यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन 4 पहली अनुसूची और चौथी अनुसूचियों के संशोधन तथा अनुपूरक, और पारिणामिक विषयों का उपबंध करने के लिए अनुच्‍छेद 2 और अनुच्‍छेद 3 के अधीन बनाई गई विधियां 5 संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता 6 पाकिस्‍तान से भारत को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्‍यक्तियों के नागरिकता के अधिकार 7 पाकिस्‍तान को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्‍यक्तियों के नागरिकता के अधिकार 8 भारत के बाहर रहने वाले भारतीय उद्भव के कुछ व्‍यक्तियों के नागरिकता के अधिकार 9 विदेशी राज्‍य की नागरिकता, स्‍वेच्‍छा से अर्जित करने वाले व्‍यक्तियों का नागरिक न होना 10 नागरिकता के अधिकारों को बना रहना 11 संसद द्वारा नागरिकता के अधिकार का विधि द्वारा विनियमन किया जाना 12 परिभाषा 13 मूल अधिकारों से असंगत या उनका अल्‍पीकरण करने वाली विधियां 14 विधि के समक्ष समानता 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लि...

चर्चित आयोग/समितियां

उपेन्द्र आयोग  – जुलाई 2004 में मणिपुर में असम राइफल्स के जवानों द्वारा पकड़े जाने के बाद मृत पाई गयी थंजम मनोरमा देवी की मृत्यु की जांच हेतु गठित । यू. सी. बनर्जी   समिति  – गोधरा काण्ड की नये सिरे से जांच हेतु । सेनगुप्ता आयोग  – असंगठित एवं अनौपचारिक क्षेत्रों में उद्यम प्रोत्साहन हेतु सितम्बर 2004 में गठित । सावंत आयोग -सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे द्वारा महाराष्ट्र के चार मंत्रियों के विरुद्ध लगाये गए भ्रष्टाचार के आरोप की जांच हेतु । नानावती आयोग – 1984 में हुए सिक्स विरोधी दंगों की जांच कर रहे इस आयोग का कार्यकाल बढ़ाया गया । चन्द्रशेखर धर्माधिकारी समिति  – महाराष्ट्र में लागू ‘मकोका’ की समीक्षाहेतु गठित तीन सदस्यीय समिति । गो सेवा आयोग  – के. पी. यादव की अध्यक्षता में गठित । 12 वाँ वित्त आयोग  – डॉ. सी. रंगराजन की अध्यक्षता में गठित इस आयोग के कार्यकाल मे वृद्धि करते हुए 31 दिसम्बर, 2004 तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया | राष्ट्रीय किसान आयोग  – भारत में हरित क्रांति के जनक कहे जाने वाले एम. एस. स्वामीनाथन को केन्द्र की नयी सरकार ने किसान आयोग क...

संवैधानिक विकास व 73वां संविधान संशोधन अधिनियम 1992 (Constitutional Development and 73rd Constitution Amendment Act 1992)

संवैधानिक विकास (Constitutional development) 1989 में राजीव गांधी सरकार ने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिए जाने के लिए 64वाँ संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया जिसे लोकसभा में पारित कर दिया किंतु राज्यसभा द्वारा पारित ना हो सका क्योंकि लोकसभा को कुछ समय बाद भंग कर दिया गया | 1989 में सत्ता परिवर्तन के बाद वी पी सिंह सरकार ने पंचायतों को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रयास किया जिसके तहत 1990 में मुख्यमंत्री के संविधान में पंचायतों के लिए नए सिरे से संविधान संशोधन करने पर सहमति बनी तथा 1990 में ही पंचायती राज से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया गया लेकिन सरकार गिरने से यह विधेयक भी संवैधानिक रूप न ले सका | 1991 में नई सरकार के गठन के बाद इन संस्थाओं को पी वी नरसिम्हा राव सरकार द्वारा संवैधानिक दर्जा दिए जाने का प्रयास किया गया और 1991 में इस विधेयक को लोकसभा में प्रस्तुत किया गया जिसे लोकसभा द्वारा 22 दिसंबर, 1991 को तथा राज्यसभा द्वारा 23 दिसंबर 1991 को मंजूरी मिली और बाद में 17 राज्यों के अनुमोदन के साथ राष्ट्रपति द्वारा 20 अप्रैल, 1993 को अपनी सहमति द...

महत्वपूर्ण समितियां व आयोग भाग – 4

महत्वपूर्ण समितियां व आयोग समिति/आयोग गठन का उद्देश्य सुंदर राजन समिति खनिज तेल क्षेत्र में सुधार शंकरलाल गुरु समिति कृषि विपणन राकेश मोहन समिति आधारभूत संरचना के वित्तीयन के संबंध में सुझाव हेतु वित्तीय क्षेत्र में कर निर्धारण हेतु ज्ञान प्रकाश समिति चीनी घोटाले की जांच सोधानी समिति देशी मुद्रा बाजार में सुधार संबंधी सुझाव यू के शर्मा समिति नाबार्ड द्वारा इस समिति का गठन क्षेत्रीय ग्रामीणों की देखरेख के लिए सी बी भावे समिति बैंक कंपनियों द्वारा सूचना प्रदान करने के संबंध में सप्त ऋषि समिति स्वदेशी चाय उद्योग के विकास के संबंध में सुझाव सुशील कुमार समिति भारत में बीटी कपास की खेती की समीक्षा वी एस व्यास समिति कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों में साख का विस्तार लाहिड़ी समिति खाद्य तेलों के मूल्यों पर प्रशुल्क संरचना संबंधी सिफारिश करने हेतु राजेंद्र सच्चर समिति – I कंपनी एवं एम आर पी टी एक्ट की जांच राजेंद्र सच्चर समिति – II देश में मुस्लिमों के सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक स्थिति के अध्ययन हेतु रंगराजन समिति – II पेट्रोलियम उत्पादों पर पर प्रशुल्क संरचना के संबंध में सिफारिश के लिए रंगराजन समि...

मंत्रियों की श्रेणियां, कार्यकाल व प्रणाली ( Categories of ministers, tenure and system)

मंत्रियों की श्रेणियां (Categories of Ministers) राज्यों की मंत्रिपरिषद में भी मंत्रियों की तीन श्रेणियां होती हैं – कैबिनेट मंत्री मंत्रिमंडल के सदस्य राज्य मंत्री उपमंत्री कैबिनेट के सदस्य सबसे अधिक महत्वपूर्ण होते हैं और कैबिनेट के द्वारा ही सामूहिक रुप से शासन की नीति का निर्धारण किया जाता है | दूसरे स्तर पर राज्य मंत्री होते हैं कुछ राज्य मंत्रियों को तो स्वतंत्र रूप से किसी विभाग के प्रधान की स्थिति प्राप्त हो जाती है और कुछ राज्य मंत्री कैबिनेट मंत्री के कार्य में हाथ बटाते हैं | राज्य मंत्री के बाद उपमंत्री आते हैं जो कि कैबिनेट मंत्री के सहायक के रूप में कार्य करते हैं | मंत्रियों की श्रेणियों के आधार पर ही मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल में अंतर समझा जा सकता है | प्रथम स्तर के मंत्रियों को सामूहिक रुप से मंत्रिमंडलीय या कैबिनेट कहते हैं और तीनों ही स्तरों के मंत्रियों को सामूहिक रुप से मंत्रिपरिषद कहते हैं इस प्रकार मंत्रिमंडलीय या कैबिनेट एक छोटी लेकिन एक बहुत अधिक महत्वपूर्ण इकाई है, मंत्रिपरिषद एक बड़ी इकाई है | मंत्रीपरिषद का कार्यकाल (Tenure of mini...

मंत्री परिषद के कार्य एवं शक्तियां (Functions and powers of the Council of Ministers)

मंत्री परिषद के कार्य एवं शक्तियां (Functions and powers of the Council of Ministers) राज्य में समस्त शासन का संचालन मंत्री परिषद ही करती है| मंत्री परिषद के कार्य एवं शक्तियां निम्न है – मंत्री परिषद ही राज्य की वास्तविक कार्यपालिका शक्तियों का प्रयोग करती है| प्रत्येक मंत्री अपने विभाग का प्रमुख होता है| मंत्री परिषद प्रशासन चलाने के लिए विधानसभा के प्रति उत्तरदाई है | मंत्री परिषद राज्य के प्रशासन संचालन के लिए नीति का निर्माण करती है| राज्य की राजनीतिक आर्थिक एवं सामाजिक समस्याओं का हल निकालती है | राज्यपाल शासन के उच्च पदों पर नियुक्ति मंत्रिपरिषद की सिफारिश पर ही करता है | मंत्री परिषद की कानून निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका है मंत्री न केवल कानून निर्माण के लिए विधेयक तैयार करते हैं अपितु विधानमंडल में प्रस्तुत भी करते हैं और उनको पारित करवाने में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है | मंत्रीपरिषद बजट तैयार करती है और वित्तमंत्री उसे विधानमंडल में प्रस्तुत करता है | मंत्री परिषद विधानमंडल में शासन का प्रतिनिधित्व करती है और विधानसभा के विभिन्न प्रश्नों यथा-तारां...

विधान परिषद एवं विधानसभा की तुलना (Comparison of Legislative Council and Assembly)

विधान परिषद एवं विधानसभा की तुलना (Comparison of Legislative Council and Assembly) विधानपरिषद (Legislative Council) विधानसभा  (Assembly) 1 विधानपरिषद राज्य विधानमंडल का उच्च सदन अथवा द्वितीय सदन होता है | विधानसभा राज्य विधानमंडल का निम्न सदन अथवा प्रथम सदन होता है | 2 विधानपरिषद के सदस्यों का निर्वाचन अप्रत्यक्ष रूप से आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के आधार पर होता है | विधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रत्यक्ष रुप से पूर्व वयस्क मताधिकार के आधार पर साधारण बहुमत की पद्धति द्वारा होता है | 3 विधानपरिषद के स्थाई निकाय है जिसका विघटन नहीं किया जा सकता परंतु एक तिहाई सदस्य प्रत्येक 2 वर्ष की समाप्ति के बाद सेनानिवृत हो जाते हैं तथा उनके स्थान पर नए सदस्य निर्वाचित हो जाती है इनके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है | विधानसभा का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है परंतु कार्यकाल पूर्ण होने के पूर्व मुख्यमंत्री के परामर्श पर राज्यपाल द्वारा इसे भंग किया जा सकता है | 4 विधानपरिषद के सदस्यों की संख्या अधिक से अधिक राज्य की विधानसभा के सदस्यों की संख्या की एक तिहाई ...

राज्य विधानसभा के अधिकारी (State Assembly Officer)

राज्य विधानसभा के अधिकारी (State assembly officer) विधानसभा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष (Speaker and Vice President of the Assembly) अनुच्छेद 173 के अनुसार, विधानसभा के सदस्य अपने में से किसी एक सदस्य को अध्यक्ष तथा एक अन्य को उपाध्यक्ष के पद के लिए चुन लेते हैं| उपरोक्त दोनों पदों में जब कोई पद रिक्त हो जाता है तो विधानसभा के किसी अन्य सदस्य को पद के लिए चुन लेते हैं | विधानसभा अध्यक्ष का पद अत्यंत महत्वपूर्ण होता है| वह सदन की मर्यादा एवं सदस्यों के विशेष अधिकारों का संरक्षक होता है विधानसभा अध्यक्ष वही कार्य करता है जो लोकसभा अध्यक्ष करता है | अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का कार्यकाल (Tenure of president and vice president) अध्यक्ष को 5 वर्षों के लिए निर्वाचित किया जाता है| विधानसभा भंग होने पर उसे अपना पद त्यागना नहीं पड़ता बल्कि वह नव निर्वाचित विधानसभा के प्रथम अधिवेशन होने तक अपने पद पर बना रहता है (अनुच्छेद 179) परंतु इस अवधि के समाप्त होने से पूर्व निम्न कारणों के आधार पर हटाया जा सकता है – यदि अध्यक्ष विधानसभा का सदस्य ना रहे तो उसे अपने पद त्यागना पड़ेगा | वह स्वेच्छा पूर्वक ...

विधानसभा के सदस्यों की योग्यता निरहर्ताएँ कार्यकाल वेतन एवं भत्ते (Salary and Allowances Of The Members Of The Assembly Disagree)

विधानसभा के सदस्यों की योग्यता निरहर्ताएँ कार्यकाल वेतन एवं भत्ते (Salary and allowances of the members of the Assembly disagree) विधानसभा के सदस्यों की  योग्यताएं (Eligibility of members of the assembly) अनुच्छेद 173 के अंतर्गत विधानसभा सदस्य के लिए निम्नलिखित योग्यताएं निर्धारित की गई है – वह भारत का नागरिक हो | 25 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो | किसी न्यायालय द्वारा पागल दिवालिया न घोषित किया गया हो | संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून के अनुसार विधानसभा के लिए अयोग्य ना हो | सदस्यों की निरहर्ताएँ (Disinheritance of members) अनुच्छेद 190 के अंतर्गत सदस्यता समाप्त हो सकती है यदि कोई सदस्य संसद तथा विधानसभा दोनों का सदस्य चुन लिया जाता है | दो राज्यों के विधानमंडल का सदस्य बन जाता है | 60 दिन तक सदन की अनुमति के बिना उसके सभी अधिवेशनों से अनुपस्थित रहता है तो सदन उसके स्थान को रिक्त घोषित कर सकेगा परंतु 60 दिन की उपयुक्त अवधि में किसी ऐसी अवधि को सम्मिलित नहीं किया जाएगा जिसके दौरान सत्रावसित या निरंतर 4 से अधिक दिनों के लिए स्थगित रहता है | विधानसभा का कार्यकाल (Leg...